गुरुवार, 28 अप्रैल 2022

बीती बातों को भूल आगे की सोचे

मुंबई शहर में बिनोद पर मनोज नाम के दो भाई रहते थे.बिनोद ओर मनोज को जीवन में सब कुछ आसानी से मिल गया.क्योंकि उसके पिता ने समय के साथ अच्छी दौलत बना ली थी.इस कारण दोनो को सुख की आदत पड़ गई.किसी अप्रिय घटना पर वे परेशान ओर दुखी हो जाते ओर पिता से एक ही बात कि शिकायत कई-कई बार करते ओर घटना जो जाने पर वे जल्दी भूल नहीं पाते.उसे लेकर लम्बे समय तक दुःखी रहते और उसी में अपना समय ज़ाया करते.बच्चों की इस हरकत से पिता बहुत परेशान रहते.एक दिन पिता को एक युक्ति सूझी उसने मनोज ओर विनोद आज में तुम्हें मज़ेदार चुटकुले सुनता हूँ.वह चुटकुला बहुत मझेदार था.चुटकुला सुन दोनो पेट पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से हसने लगा.जब वह चुप हो गय तो पिता ने फिर वही चुटकुले सुनाया.इस बार दोनो के चेहरे पर थोड़ी सी हँसी थी फिर वह चुप हो गय.अब पिता ने तीसरी बार भी वही चुटकुले सुना दिया.इस बार दोनो के चेहरे पर मुस्कुरात के भाव भी नहीं थे.वह बोले,पिता जी एक ही चुटकुले बार बार सुनने पर मज़ा नहीं आता,अब कोई नया चुटकुला सुनाइये.अब पिता मुस्कुरा कर बोले.बच्चों जब तुम एक ही चुटकुले पर बार-बार नहीं हंस सकते.तो एक ही दुःख या घटना पर बार-बार दुःखी क्यू होते हो? पिता की ऐसी कार्तिक बात सुन कर दोनो सन रह गये. दोस्तों यह सच है की हम अपने दुखो से जल्दी प्रभावित हो जाते है.और लम्बे समय तक ये हमारे मन में बना रहता है. लेकिन सुख के पल हमें कम लगते है.यदि हम अपने साथ घटित घटनाओं को याद कर बार-बार दुखी होते रेहेंगे.तो हमारे हाथ से कई अच्छे अवसर निकल जाएगे.दरअसल अवसर कभी भी किसी दुखी आदमी के हाथ में सही परिणाम नहीं देते.पुराना समय भी लौट कर नहीं आता तमाम विपरीत हालात में भी हमें अपने लिए सुकून और कुशी के पल चुराना होता है.अंत पिछली बातों को भूल कर आगे का रास्ता देखना चाहिए.प्रगति का यही एक मार्ग है.

सोमवार, 25 अप्रैल 2022

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता

ब्रिटेन के किसी सहर में ब्रेट नाम का एक ड्राइवर अपने परिवार के साथ रहा करता था.परिवार में उसकी पत्नी ओर दो बच्चे रेहते थे. ब्रेट अपने काम के साथ-साथ पढ़ाई भी करता था.उसका सपना था की उसे कोई अच्छा काम मिले ओर उसे इतने पैसे मिल जाए.की वह अपना परिवार ठीक से चला सके उसकी पत्नी जब उससे कहती की तुम परिवार को समय नहीं देते,तो वो मुस्कुरा कर कहता ये सब तो में तुम्हारे लिए कर रहा हूँ.धीरे-धीरे उसकी पढ़ाई पूरी हुई और उसने कामर्स से स्नातक की दीग्री हासिल कर ली.उसे उसी ट्रांसपोर्ट में अकाउंटेंट की नोकरी मिल गई.तनख़्वाह बढ़ी तो वह अपना छोटा घर छोड़ कर बड़ा घर किराया पर ले लिया ब्रेन की व्यस्ता और बढ़ गई.उसका परिवार फिर उससे साथ समय बिताने को कहता,तो फिर वही जवाब देता की तुम्हारे लिये ही तो यह सब कर रहा हूँ.समय गुजरा ब्रेट की मेहनत को देखते हुए.उसे वहाँ का मैनेजर बना दिया गया.अब उसने एक गाड़ी ख़रीद ली.और घर में एक नोकरानी भी रख ली.ताकि उसकी पत्नी को मदद मिल सके.पत्नी फिर कहती थोड़ा समय बच्चों के साथ भी बिताओ वह फिर वही पुराना जबाब देता आख़िर उसके लिए ही तों कर रहा हूँ अब ब्रेट रविवार और छुट्टी के दिन भी काम निपटाने में लगा रहता.और घर पर रह ही नहीं पाता.कुछ समय बाद उसे कम्पनी का मुख्य मैनेजर बना दिया गया.इसकी तनख़्वाह अच्छी कर दी गयी.अब उसने एक घर ख़रीदा और पत्नी से कहा मेने अपना घर ख़रीद लिया है.गाड़ी भी ख़रीद लिया है.अब में ज़्यादा काम नहीं करूँगा और तुम लोगों के साथ पूरा समय व्यतीत करूँगा.घर के सभी लोग खुश हो गय.रात तो ब्रेट सोया और फिर सुबह जो हुआ.उसने पूरे परिवार को हिला कर रख दियासुबह ब्रेट उठा ही नहीं. दोस्तों,हम अपने जीवन में सभी चीजों की चाहत करते है.और उसके लिए परेशान रहते है जो हमें नहीं मिली.लेकिन यह सच है की जीवन में कभी किसी को सब कुछ नहीं मिलता जिस दिन हम ने ये सच को स्वीकार कर लिया हमारा जीवन उत्सव बन जाएगा.

रविवार, 24 अप्रैल 2022

ईमानदारी का पुरस्कार तो मिलता ही है

किसी शहर में एक सेठ रहा करता था उस सेठ के पास अटूट संपती थी.लेकिन उसकी कोई औलाद नहीं थी.सेठ के कई कारख़ाने ओर आलीशान घर था.जिसने वह अपनी पत्नी और नोकरो के साथ रहता.सेठ हमेशा समाज सेवा का भी काम करता.एक बार शहर में अकाल पड़ा.हर तरफ़ सूखे कि मार ने लोगों को बेहाल कर दिया.लोग दाने-दाने के मोहताज हो गये सेठ ने जब ये सब देखा तो उनसे रहा नहीं गया.उसने रोटियाँ बनवाई और बाटना शुरू किया.रोटी लेने वाली की भीड़ में एक छोटी बच्ची भी थी.बच्ची आनाथ थी उसके माता पिता की मौत हाल में हुई थी.बच्ची रोटी लेकर अपने घर चली गई.घर पहुँच कर रोटी का टुकड़ा खाने के लिये तोड़ा ही था.तभी उस रोटी से एक सोने का सिका रोटी से निकल कर नीचे गिर गया बच्ची ने अचरज से उस सोने के सिके को देखा और सोचा की अवश्य रोटी का आटा गुथते समय गलती से सेठ जी का सिक्का उसमें गिर गया होगा बच्ची रोटी खाकर सेठ के पास पहुँची और उनको सिक्का वापस करते हुई सारी बात बताई सेठ इतने विकट परीस्थिती में भी छोटी बच्ची कि ऐसी ईमानदारी देख दंग रह गया.उसने बच्चे को गले लगा लिया और उसे हमेशा के लिये गोद ले लिया.उसने अपनी सारी संपती का हक़दार भी उसे बना दिया. दोस्तों अक्सर हम सुनते है ज़्यादा ईमानदारी भी मूर्खता है.लेकिन हमारे व्यक्तितत्व में ईमानदारी है.तो इसका पुरस्कार कभी ना कभी मिलता ही है.हाँ इसमें विलंब हो सकता है.आप अक्सर देखेंगे कि हर व्यक्ति को ईमानदार व्यक्ति की तलाश होती है.बेईमान को ना कोई अपने साथ रखना चाहता है.और ना कोई उसकी पूछ है.अंत आप में ईमानदारी का गुण है.तो तो भविष्य में व्यापार या रोज़गार के कई अवसर आपको मिलेंगे.

शनिवार, 23 अप्रैल 2022

हम सब में कुछ ना कुछ ज़रूर है

किसी गाँव में एक किसान रहता था.किसान के पास दो घरे थे एक तो ठीक था.पर दूसरे में एक छोटा सा छेद था.किसान हर दिन गाँव के पास बहनेवाली एक नदी में जाता ओर वहाँ से दोनो घड़े में पानी कंधे पर रखकर ले आता.ऐसा वह प्रतिदिन करता. पहले वाले घड़े में पानी ठीक से आ जाता.लेकिन दूसरे वाले घड़े से पानी रिसता रहता गाँव पहुचने तक उसमें आधा पानी ही रह जाता.एक दिन सुराखवाले घड़े ने पहले घड़े से कहा, मुझे इस बात का बहुत दुःख है.में अपने मालिक के मेहनत पर पानी फेर रहा हूँ.मेरे सुराख़ से आधा पानी रिस जाता है.जबकि तुम अपने मालिक के मेहनत का पूरा ख़्याल रखते हो.तुम बात तो सही बोलते हो पर इसका कोई समाधान नहीं है.दोनो घड़े की बात किसान सुन रहा था.उसने सूरखवाले घड़े से कहा तुम बिल्कुल परेशान मत हो.में तुम्हारे पानी रिसने से दुःखी नहीं हूँ.इसका कारण में तुम्हें कल बताऊँगा. अगले दिन किसान जब फिर से पानी लेकर चलने लगा.तो सूरखवाले घड़े ने किसान से दुःखी ना रहने का कारण पूछा.किसान ने कहा ,तुम देखो, जिस रास्ते पर रोज़ तुम पानी गिराते हो, वहाँ कितने सुंदर फूल खिले है.ये फूल इतने खिले हुए नहीं होते.अगर तुम्हारे अन्दर से पानी रिसने से उसको पोषण नहीं मिलता.सुराख़वाले घड़े ने देखा तो सामने सुन्दर फूलो की क़तार खिलखिला रही थी. ये तो एक काल्पनिक कहानी है.लेकिन हमें गहरा संदेस देती है. हम सब में कुछ ना कुछ कमियाँ होती है जिन्हें हम दूर नहीं कर पाते. इनमे कुछ कमियाँ हमें स्वभाविक रूप से मिली है. लेकिन इसके बावजूद हम खुद में इकलौटे है ओर इसने में भी कुछ ख़ास बात है.जो दूसरों में नहीं.यक़ीन कीजिय ईश्वर हम सब को अलग अलग हुनर से नवाजा है.हमें बस उसे केवल पहचाना है.इसके बाद हमें कोई बाधा आगे बढ़ने से नहीं रोक सकेगी

रविवार, 21 जून 2020

कोई भी ख़ुशी बाहर नहीं मिलती

खुश रहना हमेशा हमारे अपने हाथ में होता है. जबकि हम उसे यहाँ-वहा खोजते रहते है, किसी महान विचारक ने बहुत सही कहा है, की आपकी मर्जी के बिना आपको दुनिया का कोई भी आदमी दुखी नहीं कर सकता है सच कहे तो हम सपने वाले व्यक्ति को अपने मन का रिमोट कण्ट्रोल दे देते है, जिससे उसकी बातो का आवश्यकता से अधिक प्रभाव हमारे व्यक्तित्व पर पड़ता है.
                                                               स्वामी विवेकानंद एक बार किसी सेमिनार में गये अपने लेक्चर के बाद उन्होंने लोगो के लिए एक प्रशनकाल आयोजित किया ताकिलोग अपनी शंका का समाधान कर सके, एक व्यक्ति ने पूछा स्वामी जी हम कैसे खुश रहे? हमने ख़ुशी सब जगह ढूढ ली हर वह काम कर लिया जो ख़ुशी के लिए जरुरी समझा गया. लेकिन फिर भी हम खुश नहीं है. स्वामी जी मुस्करा कर पूछा आपमें से कितने लोग ऐसे है जो ख़ुशी की खोज कर रहे है. लेकिन उनको ख़ुशी नहीं मिल रही है. लगभग सभी लोग हाथ उठा दिए.स्वामी जी ने कुछ बैलून मगवाए और हरेक को एक-एक बैलून दिया और कहा आप सभी लोग उस बैलून को फुला कर अपना नाम लिख कर उसे बगल के कमरे में रख आये. सभी लोगो ने एसा ही किया और स्वामी जी के पास आ गए. फिर स्वामी जी ने कहा अब आप सभी लोग फिर उस कमरे में जाए और अपने-अपने बैलून ढूढ कर लाए सभी लोग कमरे में घुसे और अपने अपने बैलून ढूढने लगे कमरे में अफरातरफी मच गयी. किसी को अपना बैलून नहीं मिला. परेशान होकर सभी फिर वापस आ गये. स्वामी जी ने कहा अब एक काम करो आप सभी कोई भी एक बैलून लेकर आ जाओ और उसपर जिसका नाम लिखा है. उसे वापस कर दो. सभी ने ऐसा ही किया थोड़ी देर सबके हाथ में अपने-अपने बैलून थे. स्वामी जी ने कहा देखा यही हमारी ख़ुशी का राज है. यदि हम सचमुच खुश रहना चाहते है, तो सबसे पहले हमे दुसरो को उनकी ख़ुशी ठीक वैसे ही देनी होगी जैसे हमने उनके नाम का बैलून खोज कर उनको दे दी. इससे हमारी ख़ुशी स्वय हमारे पास आ जाएगी. स्वामी जी की बात सुनकर सभी लोगो की आखो में चमक आ गयी. उनको जीवन में ख़ुशी पाने का एक तरीका जो मिल गया,
                                                                               स्टेनी कार्टर ने अपने अनुभवो के आधार पर कोटेशन की एक पुस्तक लिखी है. जिसने उन्होंने कहा है, अपनी ख़ुशी के लिए पूरी तरह किसी और पर निर्भर मत हो जाए. बल्कि इसके लिए पहले स्वय से प्यार कीजिये और देखिये की क्या आपको खुद में किसी बदलाव की जरूरत है, इसलिए नहीं की कोई और आपमें बदलाव चाहता है, बल्कि इसलिए की वह बदलाव आपके स्वय के लिए बेहतर है, और आपको ख़ुशी दे सकता है. एक बार जमशेदजी टाटा ने कहा था. यदि आप अपने कम से प्यार करते है. तो ख़ुशी आपको मिल कर रहेगी और ऐसी ख़ुशी आपको सफलता भी बोनस में देगी. यदि आज हम भी सार को जीवन में उतारने का प्रयास करे, तो हमारा व्यक्तित्व निश्चित ही चमक उठेगा.


English translation


Being happy is always in our own hands. While we keep searching for him here and there, a great thinker has rightly said that no person in the world can make you unhappy without your wish. To tell the truth, we would give remote control of our mind to a person with dreams. That is, his talk has more impact on our personality than necessary. Once Swami Vivekananda went to a seminar after his lecture, he organized a question for the people so that could solve his doubts, one person asked Swami ji how were we happy? We found happiness everywhere, did everything that was deemed necessary for happiness. But still, we are not happy. Swamiji smiled and asked how many of you are such who are searching for happiness. But they are not getting happiness. Almost all the people raised their hands. Swamiji got some balloons and gave each one a balloon and said that all of you, after inflating that balloon, wrote your name and kept it in the next room. All the people did the same and came to Swamiji. Then Swamiji said, now all of you again go to that room and find your respective balloons, all the people entered the room and started looking for their own balloons. No one got his balloon. Everyone came back again after getting upset. Swamiji said, now do one thing, all of you, bring a balloon and whose name is written on it. Return it. Everyone did the same, everyone had their balloons in their hands. Swamiji said that this is the secret of our happiness. If we really want to be happy, then first of all we have to give our happiness to others just as we discovered the balloon of their name and gave it to them. This will bring our happiness to us. Hearing Swami Ji, all the people shone in the eyes. They found a way to find happiness in life, Steni Carter has written a book of quotations based on her experiences. Whatever he has said, do not depend entirely on someone else for your happiness. Rather, for this first love yourself and see if you need any change in yourself, not because someone else wants a change in you, but because that change is better for your self, and can give you happiness. Jamsetji Tata once said. If you love your less. So happiness will remain with you and such happiness will also give you success in a bonus. If we try to extract the essence in life today, then our personality will definitely shine.
                                                                  

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रविवार, 14 जून 2020

विश्वास से बड़ी कोई चीज नहीं

किसी महान व्यक्ति ने कहा है. व्यक्ति को स्वय पर विश्वास तव होता है जब उसे सफलता हासिल होती है. लेकिन यह भी सच है की सफलता भी केवल उनको ही मिलती है, जिससे स्वय पर विश्वास होता है. जब आप किसी उदेश्य को हासिल करना चाहते हैं. इसके लिए आप स्वय को तैयार करते है. की है में यह कर सकता हु. और करुगा।  मैंने किसी लेख में पढ़ा था.दुनिया के  87% लोग क्षमता होते हुए भी केवल इसलिए असफल होते है, क्योकि उन्हें स्वय पर विस्वास नहीं होता है. आइये एक कहानी से इस आशय को समझने का का प्रयास करते है.
एक बार मुंबई से फ्रांस के लिए एक विमान उड़ा विमान खचा-खच भरा हुआ था. छुट्टियों का मोसम शुरू हो चूका था. इसलिए कई लोग परिवार के साथ- साथ छुट्टी मानाने जा रहे थे. लोगो का उत्साह चरम पर था. कई लोग तो पहली बार विदेश का दौरा कर रहे थे. अभी विमान को उड़े एक घंटा भी नहीं गुजरा था, तभी विमान हिचकोले लेने लगा. तभी सीट के ऊपर लगे स्पीकर पर एयरहोस्टेस की आवाज सुने दी. मौसम ख़राब है, आप सभी से अनुरोध है की अपनी सीटबेल्ट बांध ले. लोगो में विशेषकर पहली बार हवाई सफ़र करने वालो में, थोड़ा दहशत का माहौल हो गया. कुछ समय गुजरा था की फिर एयरहोस्टेस ने अनाउंस किया। हमे खेद है मौसम के ज्यादा ख़राब होने के कारण हम आपको नाश्ता पेश नहीं कर पायेगे, इसी के साथ विमान बुरी तरह से हिचकोले लेने लगा. अब यात्रियों की हालत ख़राब होने लगी. इन सभी के बिच एक सीट पर लगभग १२ साल की बच्चीअपना विडियो गेम खेल रही थी. उसके चेहरे पर मुस्कान थी और उसके ऊपर आसपास के माहौल का कोई असर नहीं था. लेकिन विमान में कोई मन्त्र जाप करने लगा, कोई आखे बंद कर सब ठीक होने की प्राथना करने लगा. थोड़ी देर में जोर से बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दी.यह आवाज इतनी करकश थी की विमान के इंजन की आवाज भी उसमे खो गई और विमान के अंदर बैठे को आवाज सुन कर लगा की विमान शायद किसी चीज से टकराते हुए उसके बिच से आगे निकल रहा है. अब यात्रियों के चेहरे पर बेहद डर था और कइयो के घबराहट से रोने की आवाज सुनाई दे रही थी. कुछ समय में यात्रियों को ऐसा लगा की विमान का संतुलन बिगड़ गया है, और अभी थोड़ी देर में विमान क्रैश हो जायेगा। इन सभी हालातो में उस बच्ची के चेहरे पर भय या घबराहट के कोई भाव नहीं थे. खैर थोड़ी देर में सब सामान्य हो गया. जब विमान फ्रांश एयरपोर्ट पर उतरा, तो एक व्यक्ति ने उस बच्ची से पूछा- बेटा, हम सब लोग उस समय बहुत दर गये थे. लेकिन तुम बिलकुल नार्मल थी बताओ क्या तुम्हे विमान में उस समय डर नहीं लगा? बच्ची ने मुस्कुराते हुए कहा-नहीं अंकल, मुझे उस समय भी डर नहीं लगा, क्योकि इस विमान के पायलट मेरे पापा है. और में जानती हु. ओह मुझे किसी भी हाल में कुछ नहीं होने देगे, बच्ची के विस्वास को देख कर वह व्यक्ति दंग रह गया.
                                                                              जिस क्षण आपको किसी काम को कर पाने का ठोस विश्वास होता है. उसी क्षण आप अपने काम का 50% हिसा पूरा कर लेते है. यदि हम इस  बात को समझ पाये, तो हमारा जीवन सफलता का पर्याय बन कर रहेगा।
   

English translation

Some great person has said. A person has confidence in himself when he attains success. But it is also true that only they get success, due to which they believe in themselves. When you want to achieve an objective. For this you prepare yourself. I can do it And will do. I had read in an article. Despite the ability of 4% of the world, people fail only because they do not believe in themselves. Let us try to understand this effect from a story. Once a plane from Mumbai to France was packed full. The holiday season had started. So many people were going to take leave along with the family. The enthusiasm of the people was at its peak. Many people were visiting abroad for the first time. The plane had not yet passed for even an hour when the aircraft started hitching. Just then, the sound of the air hostess was heard on the speaker above the seat. The weather is bad, all of you are requested to take your seatbelt. There was a bit of panic among the people, especially those traveling for the first time. It was some time that Airhostess announced again. We are sorry that due to bad weather, we will not be able to offer you breakfast, with this the aircraft started hiccups badly. Now the condition of the passengers started getting worse. Between them, a 12-year-old girl was playing her video game in one seat. He had a smile on his face and the surrounding environment had no effect on him. But some mantras started chanting in the plane, some closed the eyes and prayed for the recovery. In a short period of time, a loud lightning sound was heard. This sound was so difficult that even the sound of the engine of the aircraft got lost in it and the person inside the aircraft heard the sound that the plane might hit something and overtake its middle. Used to be. Now there was a lot of fear on the face of the passengers and the voice of crying was being heard from Kyio's nervousness. In some time, the passengers felt that the balance of the aircraft had deteriorated, and the aircraft would crash in a short time. In all these conditions there was no sense of fear or nervousness on the face of that girl. Well, everything became normal in a while. When the plane landed at French Airport, a person asked the girl- Son, we all were very much at that time. But you were absolutely normal, tell me you did not get scared on the plane at that time? The girl smiled and said - No uncle, I was not scared even at that time, because the pilot of this aircraft is my father. I know more Oh, I will not let anything happen under any circumstances, that person was stunned by the belief of the girl. The moment you have solid faith to do something. At that very moment, you complete 50% of your work. If we can understand this, then our life will be synonymous with success.

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रविवार, 26 अप्रैल 2020

अच्छी आदत बनायेगी आपकी अलग पहचान

किसी शहर में एक कोयले की खदान थी. जिसमे सैकड़ो लौग काम करते थे. हर सुबह मजदुर और इंजीनियर खदान में उतरते और शाम को सायरन बजते ही वापस निकलते। एक बार एक मजदुर खदान में फस गया. ओह जब मुख्य द्वार पर पंहुचा तो मुख्य द्वार बंद हो चूका था, और चारो तरफ सन्नाटा था. उसकी टोपी में लगी बती की बैटरी भी समाप्त होने को थी. अब उस मज्धुर के हाथ-पावं फूल गये ओह ओही बेठकर रोने लगा. ईश्वर से जीवन को बचाने की भिख मागने लगा. वह बराबर बोल रहा था की हे ईश्वर, मेरे बच्चे और पत्नी इंतजार कर रहे है. घर का एक में ही अकेला कमाने वाला हु. थोड़ी देर में उसकी आखो के आगे अँधेरा छाने लगा. तभी दवाजे पर दस्तक हुई. उसने देखा की दरवाजा खुला और चौकीदार टार्च लिए खदान में दाखिल हुआ. चौकीदार की नजर जब मजदुर पर पड़ी, तो उसके जान में जान आयी. चोकीदार उसे सहारा देकर बहार निकाला। थोड़ी देर में जब मजदुर सहज हो गया, तब उसने चोकोदर से पूछा-भाई आपको कैसे पता चला की में खदान मैं खदान में फसा हुआ हु.और आप मेरी जान बचने आ गये? चौकीदार बोला इस खदान में सैकड़ो मजदुर  और इंजीनियर रोजाना आते है, लेकिन मुझे कोई कुछ भी नहीं बोलता है. चुपचाप आते है और अपना काम करके चले जाते है. लेकिन एक आप ही है, जो हर दिन मुझसे मिलकर मुस्कुराते हुए पूछते है, कैसे हो चोकोदर भाई? मैं आज भी आपके उसी मुस्कुराहट का इंतजार कर रहा था. और जब आप नहीं दिखे तो लगा कुछ गड़बड़ है और में आपको खोजने आ गया. ये सुनते ही मजदुर की आखें भर आयी और उसने चोकीदार को गले से लगा लिया।
                                                    दोस्तों, आपकी अच्छी आदत आपको लोगो की और खिचती है. और आप अच्छी आदत से ही लोकप्रिय हो जाते है. इसके कई और बजी फायदे होते है, इसलिए अपने व्यक्तित्व में कुछेक अच्छी आदतों को बगैर किसी स्वार्थ के शामिल कीजिये। फिर देखिये आपकी लोकप्रियता कहा जाकर ठहरती है



English translation


There was a coal mine in some city. In which hundreds of people worked. Every morning Mazdur and the engineer descended into the mine and returned in the evening as the siren sounded. Once, a worker was trapped in the mine. Oh, when the main gate reached, the main gate was closed, and there was silence all around. The batteries in her cap were also about to run out. Now the hands of that Mazdur were swollen, Oh Oh! Begging for God to save a life. He was equally saying that my God and my wife and wife are waiting. I am the only one earning at home. After a while, the darkness began to spread in front of his eyes. Then there was a knock on medicines. He saw that the door opened and the janitor entered the mine with a torch. When the watchman caught sight of Majdur, his life became life. Chokidar took him out by supporting him. When Majdur became comfortable in a while, he asked Chokodar - Brother, how did you know that I am stuck in mine? And you have come to save my life? The watchman said that hundreds of workers and engineers come to this mine every day, but nobody tells me anything. They come quietly and go away after doing their work. But you are the one who, every day, meets me smiling and asks, "How are you, brother?" I was waiting for that same smile even today. And when you did not see, something felt wrong and I came to find you. On hearing this, Majdoor's eyes were filled and he embraced the chokidar. Friends, your good habit attracts people more. And you become popular with good habits. It has many more advantages, so incorporate some good habits into your personality without any selfishness. Then see your popularity is called



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